श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार कुलदीप सिंह गड़गज्ज ने कहा कि पंथ और गुरु ग्रंथ साहिब को कभी भी अलग नहीं किया जा सकता। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सिख पंथ की आस्था और मर्यादा से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं होगा। अमृतसर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान पत्रकारों से बातचीत में जत्थेदार गड़गज्ज ने पंजाब सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि सरकार पंथ से टकराने की कोशिश न करे। उन्होंने कहा कि यदि धार्मिक मामलों में किसी प्रकार का हस्तक्षेप किया गया तो सिख समुदाय इसका लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करेगा। उन्होंने कहा कि गुरु ग्रंथ साहिब और सिख पंथ एक-दूसरे के पूरक हैं और इन्हें अलग-अलग देखने या प्रस्तुत करने का कोई भी प्रयास स्वीकार्य नहीं है। जत्थेदार ने सरकार से धार्मिक भावनाओं का सम्मान करने और ऐसे किसी भी कदम से बचने की अपील की, जिससे संगत की भावनाएं आहत हों। उन्होंने दोहराया कि अकाल तख्त साहिब सिख पंथ की सर्वोच्च संस्था है और पंथ से जुड़े हर मुद्दे पर उसकी मर्यादा और निर्णयों का सम्मान किया जाना चाहिए।