गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी में “युद्ध नशों के विरुद्ध” अभियान के तहत सिल्वर जुबली कन्वेंशन हॉल में एक विशेष सेमिनार आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में मनीष सिसोदिया मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए, जबकि पंजाब सरकार के कई मंत्री, विधायक और प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे। सेमिनार के दौरान माजहा ज़ोन के लिए नशों के खिलाफ नई रणनीति तय की गई। अपने संबोधन में सिसोदिया ने कहा कि पंजाब को नशा मुक्त बनाने के लिए सरकार, प्रशासन और आम जनता को मिलकर काम करना होगा। उन्होंने निर्देश दिए कि हर गांव तक पहुंच बनाकर इस अभियान को जमीनी स्तर पर मजबूत किया जाए। मीडिया से बातचीत करते हुए कुलदीप सिंह धालीवाल और शैरी कलसी ने सख्त संदेश देते हुए कहा कि नशा तस्करों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि पंजाब को बचाने की लड़ाई है। आगूओं ने बताया कि 24 से 31 तारीख तक हर गांव में बैठकें की जाएंगी, जहां लोगों से सीधा संवाद कर नशा बेचने वालों की पहचान की जाएगी। इसके साथ ही एक गुप्त हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया गया है, जिस पर लोग बिना अपनी पहचान बताए जानकारी दे सकते हैं। इस दौरान धालीवाल ने नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए गैस संकट के लिए केंद्र सरकार को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि विदेश नीतियों के कारण देश को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन पंजाब सरकार हर हाल में लोगों के साथ खड़ी है और कालाबाजारी को रोकने के लिए प्रतिबद्ध है।