1990 के दशक में पंजाब में कथित मानवाधिकार उल्लंघनों और लावारिस बताकर अंतिम संस्कार किए गए निर्दोष सिख युवकों की स्मृति में 14 जुलाई को शाम 6 बजे हरिके पत्तन में सतलुज और ब्यास नदियों के संगम स्थल पर विशेष सामूहिक अरदास समारोह आयोजित किया जाएगा। आयोजकों के अनुसार यह कार्यक्रम श्री अकाल तख्त साहिब के दिशा-निर्देशों के तहत आयोजित किया जा रहा है। समारोह में श्री सुखमनी साहिब का पाठ, कीर्तन और अरदास होगी। आयोजकों का कहना है कि कार्यक्रम का उद्देश्य पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने की मांग को मजबूती देना तथा मानवाधिकारों की रक्षा के प्रति समाज को जागरूक करना है। आयोजकों ने गुरु नानक नामलेवा संगत, मानवाधिकार कार्यकर्ताओं, अधिवक्ताओं और विशेष रूप से पीड़ित परिवारों से बड़ी संख्या में समारोह में शामिल होने की अपील की है। उनका कहना है कि इस सामूहिक अरदास का उद्देश्य पीड़ितों को श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ-साथ यह संदेश देना भी है कि भविष्य में किसी भी समुदाय के साथ इस प्रकार के कथित अत्याचार दोबारा न हों।