सावन के पहले रविवार को श्री दुर्गियाना मंदिर में पारंपरिक 'सावे' कार्यक्रम का शुभारंभ श्रद्धा और उल्लास के साथ हुआ। इस अवसर पर मंदिर में भगवान लक्ष्मी-नारायण का विशेष सावन श्रृंगार किया गया। मंदिर परिसर को आकर्षक फूलों से सजाया गया और बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचे। कार्यक्रम की विशेष आकर्षण नवविवाहित जोड़े रहे, जो फूलों के आभूषणों और पारंपरिक वेशभूषा में मंदिर पहुंचे। उन्होंने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर सावन की इस प्राचीन परंपरा का निर्वहन किया तथा सुखी दांपत्य जीवन की कामना की। मंदिर प्रबंधन के अनुसार सावन माह के दौरान 'सावे' की यह परंपरा वर्षों से निभाई जा रही है। श्रद्धालुओं का मानना है कि इस अवसर पर भगवान लक्ष्मी-नारायण के दर्शन और पूजा-अर्चना करने से दांपत्य जीवन में सुख-समृद्धि और खुशहाली बनी रहती है। पूरे कार्यक्रम के दौरान मंदिर परिसर भक्तिमय वातावरण से सराबोर रहा।