अमृतसर स्थित जलियांवाला बाग के बेगुनाह शहीदों को आज श्रद्धांजलि दी जा रही है। हर साल 13 अप्रैल को यहां का माहौल शोक और श्रद्धा से भर जाता है। बाग की दीवारों पर मौजूद गोलियों के निशान, खून से भरा कुआं और स्मारक उस क्रूरता की गवाही देते हैं। यहां रोज हजारों की संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं, जो शहीदों को नमन करने के बाद देश के प्रति कुछ करने का संकल्प लेकर लौटते हैं। शहीदों के परिजनों के लिए यह दिन आज भी “काला दिन” है। परिजनों का आरोप है कि सरकारें केवल खास मौकों पर ही शहीदों को याद करती हैं, जबकि बाकी समय उन्हें भुला दिया जाता है। परिवारों ने मांग की है कि शहीदों के परिजनों को आधिकारिक दर्जा दिया जाए और उन्हें उचित सम्मान व सुविधाएं प्रदान की जाएं।