हिंद मजदूर सभा ने केंद्र सरकार द्वारा लागू किए जा रहे नए श्रम कानूनों का विरोध करते हुए उन्हें मजदूर विरोधी बताया है। सभा के अध्यक्ष कुलवंत सिंह बावा ने कहा कि नए श्रम कानूनों से श्रमिकों के अधिकार कमजोर होंगे और मजदूर वर्ग का शोषण बढ़ेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार बड़े उद्योगपतियों को लाभ पहुंचाने के लिए श्रमिक हितों की अनदेखी कर रही है। बावा ने कहा कि वर्षों के संघर्ष के बाद मजदूरों को जो अधिकार प्राप्त हुए थे, नए कानूनों के माध्यम से उन्हें सीमित करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने मांग की कि सरकार श्रमिक संगठनों से व्यापक चर्चा कर उनकी राय को महत्व दे और मजदूर विरोधी प्रावधानों को वापस ले। उन्होंने कहा कि हिंद मजदूर सभा मजदूरों के अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखेगी। इस अवसर पर सभा के अन्य पदाधिकारियों ने भी नए श्रम कानूनों का विरोध करते हुए सरकार से उन्हें वापस लेने की मांग की।