पंजाब सरकार की मुख्यमंत्री श्रवण आशीर्वाद योजना के तहत अमृतसर के गुरु नानक देव अस्पताल और मेडिकल कॉलेज में 5 बच्चों के कॉक्लियर इंप्लांट ऑपरेशन सफलतापूर्वक किए गए हैं। इस ऑपरेशन के बाद बच्चों में सुनने की क्षमता विकसित होनी शुरू हो गई है। डॉक्टरों के अनुसार, सभी बच्चों ने ऑपरेशन के बाद अच्छा रिस्पॉन्स दिया है और अब वे धीरे-धीरे आवाजें सुन पा रहे हैं। हालांकि, उन्हें बोलने के लिए विशेष प्रशिक्षण (स्पीच थेरेपी) की आवश्यकता होगी, जो लगभग एक महीने में शुरू कर दी जाएगी। विशेषज्ञों का कहना है कि बच्चों के पूरी तरह सामान्य विकास में 1 से 4 साल तक का समय लग सकता है, लेकिन समय पर इलाज मिलने से वे सामान्य बच्चों की तरह स्कूल जा सकेंगे और समाज में घुल-मिल सकेंगे। इस योजना की खास बात यह है कि कॉक्लियर इंप्लांट जैसे महंगे इलाज, जिसकी लागत निजी अस्पतालों में लाखों रुपये तक होती है, उसे पंजाब सरकार द्वारा पूरी तरह मुफ्त उपलब्ध कराया जा रहा है। इससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को बड़ी राहत मिली है। डॉक्टरों ने अभिभावकों से अपील की है कि यदि किसी बच्चे को सुनने में दिक्कत हो तो देरी न करें। जल्द जांच और उपचार से बेहतर परिणाम मिलते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, 1.5 से 2 साल की उम्र में ऑपरेशन होने पर बच्चे तेजी से सामान्य विकास की ओर बढ़ते हैं, जबकि देरी करने पर परिणाम प्रभावित हो सकते हैं।