अमृतसर में बुधवार को मेडिकल मार्केट के कैमिस्टों ने ऑनलाइन दवाइयों की बिक्री और सरकार द्वारा लागू किए गए नए नियमों के विरोध में जोरदार प्रदर्शन किया। गुरु नानक देव अस्पताल के पास स्थित मजीठा रोड मेडिकल मार्केट में दुकानदारों ने अपनी दुकानें बंद रखकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। कैमिस्टों का कहना है कि ऑनलाइन पोर्टलों के जरिए नशे में इस्तेमाल होने वाली दवाइयां बिना उचित जांच के लोगों तक पहुंच रही हैं, जिससे पंजाब का युवा वर्ग प्रभावित हो रहा है। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि सरकार एक तरफ नशे के खिलाफ अभियान चला रही है, जबकि दूसरी ओर ऑनलाइन प्लेटफॉर्मों पर बिक रही दवाइयों की निगरानी को लेकर कोई सख्ती नहीं की जा रही। पंजाब कैमिस्ट एसोसिएशन के प्रधान सुरिंदर दुग्गल ने बताया कि यह हड़ताल ऑल इंडिया ऑर्गेनाइजेशन ऑफ कैमिस्ट्स के आह्वान पर की गई है। उन्होंने कहा कि पंजाब के 27 हजार से अधिक कैमिस्ट इस आंदोलन से जुड़े हुए हैं। दुग्गल ने आरोप लगाया कि NDLS सिस्टम और नए ऑनलाइन लाइसेंस प्रोसेस के कारण कैमिस्टों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि नए पोर्टल में किसी भी बदलाव के लिए हजारों रुपये फीस ली जा रही है और पुराने शैक्षणिक प्रमाणपत्र व अन्य दस्तावेज दोबारा जमा करवाने की शर्त रखी गई है। उन्होंने कहा कि बड़े कॉरपोरेट घरानों के लिए नियम अलग हैं, जबकि छोटे दुकानदारों पर कानूनों का अतिरिक्त बोझ डाला जा रहा है। दुग्गल ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने उनकी मांगें नहीं मानीं तो आने वाले समय में बड़ा संघर्ष किया जाएगा और कैमिस्ट अपनी दुकानों की चाबियां सरकार को सौंपने के लिए मजबूर होंगे। रिटेल सेक्शन के प्रधान कुलदीप सिंह ने कहा कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्मों पर दवाइयों की बिक्री बिना सख्त जांच के हो रही है, जिसका बड़े स्तर पर दुरुपयोग संभव है। उन्होंने कहा कि स्थानीय कैमिस्टों को हर दवा का रिकॉर्ड रखना पड़ता है, लेकिन ऑनलाइन बिक्री पर पर्याप्त निगरानी नहीं है।