अमृतसर में नगर काउंसिल चुनाव के दौरान हुई झड़प के बाद शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता बिक्रम सिंह मजीठिया बुधवार को गुरु नानक देव अस्पताल पहुंचे, जहां उन्होंने घायल कार्यकर्ताओं और उनके परिजनों से मुलाकात कर उनका हाल जाना। इस दौरान मजीठिया ने पंजाब सरकार, पुलिस प्रशासन और आम आदमी पार्टी पर गंभीर आरोप लगाए। मीडिया से बातचीत करते हुए मजीठिया ने कहा कि नगर काउंसिल चुनाव के दौरान अकाली दल के कार्यकर्ताओं पर हमला किया गया और उनकी दस्तार की बेअदबी की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी समर्थकों ने एक युवक को घेरकर डंडों से पीटा और उसके सिर पर गंभीर चोटें पहुंचाईं। मजीठिया ने दावा किया कि घायल युवक पांच बहनों का इकलौता भाई है और परिवार की जिम्मेदारी उसी के कंधों पर है। अकाली नेता ने आरोप लगाया कि पुलिस ने पहले कथित आरोपी को हिरासत में लिया था, लेकिन बाद में राजनीतिक दबाव के चलते उसे छोड़ दिया गया। उन्होंने कहा कि पूरी घटना की वीडियो मौजूद है, जिसमें पुलिस आरोपी को पकड़कर ले जाती दिखाई दे रही है। मजीठिया ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के दबाव में कार्रवाई कमजोर की गई। उन्होंने यह भी दावा किया कि वार्ड नंबर 9 में एक व्यक्ति हथियार लेकर पोलिंग बूथ तक पहुंच गया, लेकिन पुलिस ने उसके खिलाफ कोई सख्त कार्रवाई नहीं की। मजीठिया ने कहा कि चुनावों के दौरान “काम, दाम, दंड और भेद” की नीति अपनाकर लोकतंत्र को दबाने की कोशिश की गई। मजीठिया ने पंजाब पुलिस पर शिकायत दर्ज करने में देरी का आरोप लगाते हुए कहा कि लोगों के दबाव के बाद ही एफआईआर दर्ज की गई। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि निष्पक्ष कार्रवाई नहीं हुई तो वे हाईकोर्ट का रुख करेंगे। इस दौरान घायल युवक की माता भावुक हो गईं। उन्होंने कहा कि उनका बेटा परिवार का इकलौता सहारा है और परिवार पहले ही कई मुश्किलों का सामना कर रहा है। वहीं युवक की बहन ने भी सरकार से इंसाफ की मांग करते हुए कहा कि उनके भाई के साथ हुई मारपीट ने पूरे परिवार को झकझोर दिया है। मजीठिया ने कहा कि अकाली दल लोकतंत्र, दस्तार और पंजाब की आन-बान की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखेगा और किसी भी प्रकार की धक्केशाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।