मजीठा में नगर निगम और नगर काउंसिल चुनावों के दौरान उस समय राजनीतिक माहौल गर्मा गया, जब शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता बिक्रम सिंह मजीठिया अपनी पत्नी और विधायक गनीव काैर के साथ मतदान करने पोलिंग बूथ पहुंचे। इस दौरान पुलिस ने उनकी गाड़ियों को पोलिंग सेंटर से काफी दूर ही रोक दिया, जिसके बाद मजीठिया अपनी पत्नी के साथ पैदल ही मतदान केंद्र तक पहुंचे। मीडिया से बातचीत करते हुए बिक्रम मजीठिया ने कहा कि जब भी लोकतंत्र को मजबूत करने की बात आती है, तब वह और उनका परिवार हमेशा आगे आया है। उन्होंने कहा कि पंजाब में अमन-शांति, भाईचारा और लोकतंत्र की रक्षा करना उनकी प्राथमिकता रही है। मजीठिया ने कहा कि पंजाब में हिंदू, सिख, ईसाई और मुस्लिम समुदाय के बीच एकता और सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि पंजाब इस समय गैंगस्टरवाद, कानून व्यवस्था की कमजोरी और आर्थिक संकट से जूझ रहा है। युवाओं को रोजगार नहीं मिल रहा, किसान और खेत मजदूर परेशान हैं, जबकि व्यापारी वर्ग भी मुश्किलों का सामना कर रहा है। मजीठिया ने कहा कि लोगों को अपने वोट के अधिकार का इस्तेमाल बिना किसी डर और दबाव के करना चाहिए, ताकि सही फैसले हो सकें और लोकतंत्र मजबूत बना रहे। मजीठिया ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट का विशेष धन्यवाद करते हुए कहा कि चुनावों के दौरान कोर्ट ऑब्जर्वर तैनात करना लोकतंत्र को बचाने की दिशा में बड़ा कदम है। उन्होंने आरोप लगाया कि कई जगहों पर विपक्षी उम्मीदवारों के नामांकन पत्र रद्द किए गए, वोटों में हेराफेरी हुई और प्रशासनिक दबाव के जरिए चुनावों को प्रभावित करने की कोशिश की गई।