श्री दरबार साहिब में माथा टेक कर तरनजीत सिंह समुंदरी ने गुरु घर का आशीर्वाद प्राप्त करते हुए अपनी नई जिम्मेदारी की शुरुआत की। दिल्ली में नई जिम्मेदारी संभालने से पहले समुंदरी परिवार ने गुरु घर में नतमस्तक होकर अरदास की। इस मौके पर तरनजीत सिंह समुंदरी ने गुरु साहिब के चरणों में अरदास करते हुए कहा कि वह हर बड़ी जिम्मेदारी की शुरुआत गुरु घर से आशीर्वाद लेकर ही करते हैं। उन्होंने कहा कि समुंदरी परिवार का श्री दरबार साहिब से गहरा नाता रहा है। सरदार तेजा सिंह समुंदरी और सरदार बिशन सिंह समुंदरी जैसी महान शख्सियतों ने सिख कौम और गुरुद्वारा सुधार आंदोलन में अहम योगदान दिया था। उन्होंने बताया कि चाबियों का मोर्चा, गुरु का बाग मोर्चा सहित कई अहिंसक आंदोलनों के माध्यम से सिख कौम ने इतिहास रचा और देश में एक सफल जन आंदोलन की मिसाल कायम की। मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि कुछ दिन पहले उन्हें दिल्ली में नई जिम्मेदारी दी गई है और उसकी शुरुआत से पहले वह गुरु साहिब का आशीर्वाद लेने के लिए श्री दरबार साहिब पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि चुनौतियां भले ही कई हों, लेकिन वह इन चुनौतियों को अवसर में बदलकर दिल्ली में विकास के कार्यों को आगे बढ़ाने का प्रयास करेंगे। तरनजीत सिंह समुंदरी ने कहा कि यह सिर्फ उनका नहीं बल्कि अमृतसर शहर का नाम रोशन करने का अवसर है। उन्होंने दिल्ली के लोगों के साथ मिलकर विकास कार्य करने की बात कही और सभी से सहयोग व आशीर्वाद की अपील की। उन्होंने यह भी कहा कि बंदी सिंहों की रिहाई के मुद्दे को भी आगे बढ़ाने के लिए प्रयास किए जाएंगे। दूसरी ओर, शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) की ओर से तेजा सिंह समुंदरी हॉल में तरनजीत सिंह समुंदरी को विशेष रूप से सम्मानित किया गया। इस दौरान उन्हें सिरोपा भेंट कर सम्मान दिया गया।