गुरु ग्रंथ साहिब के पावन स्वरूपों को कंटेनरों के माध्यम से कनाडा के सरी शहर भेजे जाने के कथित मामले को लेकर 'आवाज़-ए-कौम' संगठन ने शुक्रवार को श्री अकाल तख्त साहिब पहुंचकर जत्थेदार के नाम मांगपत्र सौंपा। संगठन ने मामले की निष्पक्ष जांच कराने तथा जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त धार्मिक और कानूनी कार्रवाई की मांग की है। संगठन के नेता हरजिंदर सिंह ने आरोप लगाया कि गुरु ग्रंथ साहिब के पावन स्वरूपों को कंटेनरों के जरिए विदेश भेजना सिख मर्यादा और परंपराओं के विपरीत है। उन्होंने कहा कि इस घटना को लेकर सिख संगत में रोष है और श्री अकाल तख्त साहिब को तत्काल हस्तक्षेप करते हुए पूरे मामले की जांच कर दोषियों की जिम्मेदारी तय करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सिख समुदाय श्री अकाल तख्त साहिब के निर्णयों को सर्वोच्च मानता है, इसलिए इस मामले में स्पष्ट और सख्त रुख अपनाया जाना चाहिए। हरजिंदर सिंह ने दावा किया कि सरी में 200 से अधिक स्वरूप भेजे गए, जबकि वहां पहले से ही विभिन्न गुरुद्वारों में पर्याप्त संख्या में स्वरूप मौजूद हैं। उन्होंने यह भी कहा कि लंबे समुद्री सफर के दौरान कंटेनरों में पावन स्वरूपों के सम्मान और मर्यादा को लेकर गंभीर सवाल उठते हैं। संगठन ने मांग की कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए जाएं। संगठन के नेता नोबलजीत सिंह ने भी मामले में उचित कार्रवाई की मांग दोहराई।