विदेशों में बसे सिख समुदाय को अपने धार्मिक स्थलों और समृद्ध विरासत से जोड़ने के उद्देश्य से इंग्लैंड से आए 52 श्रद्धालुओं के जत्थे ने पांच तख्तों की 21 दिनों की पवित्र यात्रा सफलतापूर्वक पूरी कर ली। यात्रा के समापन पर सभी श्रद्धालुओं ने सचखंड श्री हरिमंदिर साहिब में मत्था टेककर शुक्राने की अरदास की। यात्रा के आयोजकों ने बताया कि श्री अकाल तख्त साहिब के पूर्व जत्थेदार भाई जसबीर सिंह रोड़े की प्रेरणा से यह खालसा यात्रा पिछले 16 वर्षों से लगातार जारी है। हर वर्ष इंग्लैंड से बड़ी संख्या में संगत भारत आती है और जालंधर से विशेष कोच के माध्यम से इस धार्मिक यात्रा की शुरुआत होती है। इस बार के जत्थे में लगभग 52 श्रद्धालु शामिल थे, जिन्होंने तख्त श्री केशगढ़ साहिब, श्री पांवटा साहिब, तख्त श्री हजूर साहिब, तख्त श्री दमदमा साहिब और तख्त श्री पटना साहिब के दर्शन कर आध्यात्मिक अनुभव प्राप्त किया। यात्रा के दौरान संगत को गुरबाणी और सिख इतिहास से जोड़ने के लिए कथावाचक ज्ञानी राजपाल सिंह भी साथ रहे, जिन्होंने प्रत्येक गुरुद्वारा साहिब के इतिहास की विस्तार से जानकारी दी। आयोजकों के अनुसार, विदेशी संगतों में इस यात्रा को लेकर भारी उत्साह है और अगले वर्ष के लिए बुकिंग कई महीने पहले ही पूरी हो जाती है।