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रमजान में गूंजा सद्भाव का संदेश: मुस्लिम युवक ने पेश की अनोखी मिसाल, रामचरितमानस लेकर चला बागेश्वर धाम की ओर

Fri, 27 Feb 2026 01:55 PM IST
टीकमगढ़ ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, टीकमगढ़

आस्था, विश्वास और मानवीय एकता की अनूठी मिसाल इन दिनों जिले में देखने को मिल रही है। पवित्र रमजान माह के दौरान एक मुस्लिम व्यक्ति द्वारा सिर पर रामचरितमानस रखकर नंगे पैर बागेश्वर धाम की पदयात्रा किए जाने से लोग भावुक हो उठे हैं। यह यात्रा जहां धार्मिक समरसता का संदेश दे रही है, वहीं लोगों के बीच भाईचारे की भावना को भी मजबूत कर रही है
जानकारी के अनुसार, उत्तर प्रदेश के झांसी जनपद के टकटोली गांव निवासी अहमद खान अपने लगभग 200 साथियों के साथ बागेश्वर धाम के लिए पैदल रवाना हुए हैं। उनके साथ महिलाओं और पुरुषों का बड़ा समूह भी शामिल है। यह जत्था प्रतिदिन करीब 20 किलोमीटर की दूरी तय करता है और रात्रि में विश्राम करने के बाद अगले दिन पुनः यात्रा शुरू करता है। कुल मिलाकर वे करीब 90 किलोमीटर की दूरी नंगे पैर तय कर रहे हैं।

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शुक्रवार को जब यह धार्मिक यात्रा टीकमगढ़ जिले के पलेरा नगर पहुंची, तो जगह-जगह ग्रामीणों और श्रद्धालुओं ने पुष्प वर्षा कर उनका भव्य स्वागत किया। कई स्थानों पर लोगों ने जलपान और भोजन की व्यवस्था भी की। इस दौरान वातावरण जय श्रीराम और भक्ति गीतों से गूंज उठा, जिससे नगर में उत्सव जैसा माहौल बन गया।

अहमद खान ने बताया कि उन्होंने लगभग 40 वर्ष पहले यह स्वप्न देखा था कि वे सिर पर रामचरितमानस रखकर बागेश्वर धाम की यात्रा करेंगे। उनका कहना है कि यह यात्रा उनके जीवन का सबसे बड़ा संकल्प है, जो अब पूरा होने जा रहा है। वे बागेश्वर धाम पहुंचकर पूजा-अर्चना करेंगे और वहां से लौटने के बाद अपना नया नाम “साई राम” रखेंगे।

उन्होंने कहा कि उन्हें कुरान और रामचरितमानस दोनों से लगाव है। वे अपने गांव में ग्रामीणों के सहयोग से राधा-कृष्ण मंदिर निर्माण का भी संकल्प लेकर चल रहे हैं। उनका विश्वास है कि यह यात्रा प्रेम, आस्था और धार्मिक सद्भाव का संदेश समाज तक पहुंचाएगी। इस अनोखी यात्रा ने क्षेत्र में चर्चा का विषय बनकर लोगों के दिलों को छू लिया है। श्रद्धा और समर्पण से भरी यह पदयात्रा सामाजिक सौहार्द और आध्यात्मिक एकता की मिसाल बनती नजर आ रही है।

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