मध्यप्रदेश के खंडवा में शुक्रवार शाम अजीब नजारा देखने को मिला। ग्राम सिहाड़ा के कुछ ग्रामीण भ्रष्टाचार की शिकायत लेकर जिला पंचायत सीईओ से मिलने पहुंचे, लेकिन कार्यालय में कोई भी अधिकारी मौजूद नहीं होने के चलते, ग्रामीणों ने कुछ देर तो अधिकारियों का इंतजार किया। उसके बाद वे नाराज हो गए और परिसर में लगी गांधी जी की प्रतिमा को ही ज्ञापन सौंपकर अपना विरोध दर्ज कराया।
बता दें कि आज गांधी की पुण्यतिथि है और ज्ञापन देने वालों का कहना था कि 'जी राम जी' जोकि पहले महात्मा गांधी के नाम से योजना थी, उस योजना में जमकर भ्रष्टाचार हुआ है। चूंकि आज गांधी जी की पुण्यतिथि है। ऐसे में शायद उन्हें ज्ञापन देने से अधिकारियों को कुछ सद्बुद्धि मिले और इसकी ठीक से जांच हो इसलिए उन्होंने अपनी शिकायत गांधी जी के सामने बयान कर दी है।
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वहीं ज्ञापन देने वाले अशफाक काजी, जाहिद शेख, अब्दुल रहीम सहित सभी ग्रामीणों का कहना था कि बीते दो माह से वे सभी ग्राम पंचायत सिहाड़ा में हुए भ्रष्टाचार की शिकायत अलग अलग विभागों में जाकर दर्ज करा रहे थे, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। आज ये सभी सामाजिक क्षेत्र में काम करने वाली संस्था एपीसीआर के पास आये थे। जिसमें इनके दस्तावेजों में पाया गया कि गांव में 37 से अधिक तालाब केवल कागजों में खुदे हुए बताए गए हैं, जबकि जमीन पर उनका अस्तित्व ही नहीं है। वहीं बीते दिनों दिए आवेदन के आधार पर प्रशासन ने माना है कि तीन तालाब नहीं पाए गए हैं, जिनकी करीब 6 लाख रुपये रिकवरी भी सरपंच सचिव पर निकाली गई है तो हमारी मांग है कि जब प्रशासन ने माना ही कि भ्रष्टाचार हुआ है तो ऐसे गांव के सरपंच सचिव पर उस भ्रष्टाचार के तहत एफआईआर दर्ज हो और बाकी तालाबों की भी जांच हो।