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Khandwa News: सीएम यादव ने नर्मदा में छोड़े छह मगरमच्छ, कहा- इनके आवास के लिए नर्मदाजी की धारा है अत्यंत अनुकूल

Thu, 30 Oct 2025 07:47 PM IST
खंडवा ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, खंडवा

मध्यप्रदेश के खंडवा जिले के नर्मदानगर में गुरुवार दोपहर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भोपाल वन विहार से लाए गए 6 मगरमच्छ नर्मदा नदी के इंदिरा सागर जलाशय में छोड़े। मगरमच्छ छोड़ने का यह आयोजन नर्मदानगर के साकल घाट पर हुआ। इस आयोजन में सीएम यादव के साथ ही स्थानीय जनप्रतिनिधि और मंत्री कुंवर विजय शाह के साथ ही खंडवा सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल और खंडवा विधायक शामिल हुए। इस दौरान मान्धाता विधायक नारायण पटेल ने जानकारी देते हुए बताया कि नर्मदानगर में मुख्यमंत्री यादव द्वारा मगरमच्छ छोड़े गए हैं। जलीय जीवों के सरंक्षण के प्रति प्रदेश सरकार प्रतिबद्ध है। यहां नर्मदा नदी के शांत वातावरण में मगरमच्छ का कुनबा बढ़ेगा।

इस दौरान सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा कि राज्य सरकार पुण्य सलिला मां नर्मदा के वाहन मगरमच्छ को मां नर्मदा में बसाने का अपना संकल्प पूरा करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। मगरमच्छों के आवास के लिए नर्मदा जी की धारा अत्यंत अनुकूल है। राज्य सरकार सभी प्रकार के जीवों के संरक्षण के लिए संकल्पित है। प्रदेश में वन्य जीवों के साथ ही घड़ियाल, मगरमच्छ जैसे सभी प्रकार के जलीय जीवों की संख्या में निरंतर वृद्धि हो रही है।

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बता दें कि, इंदिरा सागर जलाशय 89 वर्ग किमी क्षेत्र में फैला है। इसके बैक वाटर क्षेत्र की सीमाएं खंडवा, देवास एवं हरदा जिले से लगी हैं। वहीं कार्यक्रम में मौजूद डीएफओ राकेश डामोर ने बताया कि भोपाल वन विहार से इंदिरा सागर बांध में छोड़े जाने के लिए 6 मगरमच्छ लाए गए थे, जिसे मुख्यमंत्री के द्वारा नर्मदा नदी मे छोड़ा गया है।

सीएम बोले, मगरमच्छ नदियों के रक्षक
बता दें कि, बीते दिनों राजधानी भोपाल में हुई स्टेट वाइल्ड लाइफ बोर्ड की एक बैठक के दौरान प्रदेश के मुखिया सीएम मोहन यादव ने कहा था कि मगरमच्छ नदियों के रक्षक हैं, जो जलीय जीव तंत्र में रह कर रखवाली करते है। इसके साथ ही उन्होंने अधिकारियों को निर्देश भी दिए थे कि मगरमच्छ और घड़ियालों को अलग-अलग नदियों में बसाया जाएगा। इसके तहत मुख्यमंत्री यादव ने 17 फरवरी 2025 को 10 घड़ियाल जिनमें 1 नर व 9 मादा घड़ियाल शामिल थे, उन्हें राष्ट्रीय चंबल अभयारण्य मुरैना में छोड़ा था। इसके बाद अब नर्मदा नदी में खंडवा जिले में पहली बार मगरमच्छ को छोड़ने का कार्यक्रम किया गया है।

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