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Jabalpur News: प्रमोशन में आरक्षण देने पर रोक बरकरार, अब राज्य सरकार की तरफ से सॉलिसिटर जनरल भी रखेंगे पक्ष

Thu, 14 Aug 2025 10:45 PM IST
जबलपुर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर

सरकार की तरफ से नई नीति के तहत प्रमोशन में आरक्षण दिए जाने को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में चार याचिका दायर की गई थी। याचिकाओं पर गुरुवार को हुई सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा तथा जस्टिस विनय सराफ की तरफ से बताया गया कि शासन की तरफ से मामले में भारत सरकार के सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता तथा सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता सीएस वैद्यनाथन पक्ष प्रस्तुत करेंगे। शासन की तरफ से उनकी उपस्थिति के लिए समय प्रदान करने का आग्रह किया गया। युगलपीठ ने आग्रह को स्वीकार करते हुए अगली सुनवाई 9 सितम्बर को निर्धारित की है।

याचिकाकर्ता भोपाल निवासी वेटनरी डॉक्टर स्वाति तिवारी व अन्य तीन की तरफ से दायर याचिकाओं में कहा गया था कि आरक्षित वर्ग को नियम 2025 के तहत प्रमोशन में आरक्षण का लाभ दिया जा रहा है। साल 2025 में बनाए गए नए नियम तथा साल 2022 के नियमों को कोई अंतर नहीं है। याचिकाकर्ता की तरफ से तर्क किया गया था कि प्रमोशन में आरक्षण के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका लंबित है। सुप्रीम कोर्ट ने अपने अंतरिम आदेश में यथास्थिति के आदेश जारी किए थे। इसके बाद प्रदेश सरकार ने संशोधित नियम 2025 के तहत प्रमोशन के आरक्षण प्रदान करने का निर्णय लिया था। इस संबंध में प्रदेश सरकार के तरफ से गजट नोटिफिकेशन भी जारी कर दिया गया है। याचिका में कहा गया था कि नए तथा पूराने नियम एक सामान्य है।

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याचिका में सुप्रीम कोर्ट द्वारा एम नटराजन तथा जरनैल सिंह मामले में पारित आदेष का हवाला देते हुए कहा गया था कि आरक्षित वर्ग को प्रमोशन प्रदान करना चाहिए, जब उनका पर्याप्त प्रतिनिधित्व नहीं हो। इसके अलावा उनके प्रमोशन से किसी प्रकार की प्रशासनिक बाधा उत्पन्न नहीं हो। सर्वोच्च न्यायालय ने एक अन्य मामले में आदेश दिए हैं कि एससी-एसटी वर्ग के क्रीमी लेयर वाले कर्मचारियों को प्रमोशन में आरक्षण नहीं प्रदान किया जाए।

सरकार के पास आरक्षित वर्ग के कर्मचारियों के प्रतिनिधित्व का डाटा उपलब्ध नहीं है। क्रीमी लेयर में आने वाले एससी एसटी वर्ग को प्रमोशन में आरक्षण का लाभ दिया जा रहा है। याचिका की प्रारंभिक सुनवाई के दौरान सरकार की तरफ से आरक्षण प्रदान करते हुए कर्मचारियों को प्रमोशन नहीं देने के संबंध में अंडरटेकिंग दी थी। याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई के दौरान शासन की तरफ से उक्त जानकारी के साथ कर्मचारियों से संबंधित चार्ट प्रस्तुत किया था। युगलपीठ ने शासन को निर्देशित किया है कि कर्मचारियों के संबंध में पेश किया गया चार्ट सेंसेक्स, प्रदेश की जाति गणना या कर्मचारियों के प्रतिनिधित्व के आधार पर बनाया गया है। इस संबंध में जानकारी पेश करें। याचिकाकर्ता की तरफ से वरिष्ठ अधिवक्ता आर पी सिंह तथा अधिवक्ता सुयश मोहन गुरु ने पैरवी की।

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