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MP: हरदा ब्लास्ट से बचे तो गुजरात की फैक्टरी में हो गया ब्लास्ट, चश्मदीद बोले- ब्लास्ट हुआ तो सब बाहर भागे

Wed, 02 Apr 2025 10:28 AM IST
हरदा ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरदा

हरदा जिले में बीते साल हुए पटाखा फैक्टरी ब्लास्ट के समय वहां काम करने वाले मजदूरों का दुःख कम होने का नाम नहीं ले रहा है। जब ये मजदूर हरदा ब्लास्ट से किसी तरह बच गए, और उसके बाद रोजी-रोटी का संकट आन पढ़ने के चलते गुजरात की पटाखा फैक्टरी में काम करने पहुंचे, तो अब करीब साल भर बाद मंगलवार को वहां भी एक बड़ा हादसा पेश आया। जिसमें इन मजदूरों के कई परिजनों की मौत हो गई। जिसके बाद इन मजदूरों के जख्म फिर से हरे हो गए। बता दें कि, प्रदेश के हरदा जिले से रविवार 30 मार्च को 13 मजदूर गुजरात की पटाखा फैक्टरी में काम करने पहुंचे थे, जिनमें से अब 8 की मौत हो गई है, तो वहीं दो अब भी लापता हैं। इनमें से हादसे के एक चश्मदीद ने बताया कि, जब ब्लास्ट हुआ तो सब बाहर की ओर भागने लगे, और फैक्टरी में चारों तरफ आग ही आग दिख रही थी।

ब्लास्ट हुआ तो सब बाहर की ओर भागे
इधर गुजरात के अस्पताल में घायल हुए परिजन के पास बैठे ब्लास्ट के चश्मदीद 15 साला बालक बिट्टू पिता सत्यनारायण ने बताया कि, वे हरदा जिले के हंडिया के रहने वाले हैं। हादसे के समय वे लोग फैक्टरी के अंदर ही थे। वहां जैसे ही ब्लास्ट हुआ तो वहां से सब लोग बाहर की तरफ भागे और अभी अस्पताल में उनकी बुआ की तीन साल की बालिका, जिसके सिर में इस ब्लास्ट में चोट लगी थी, वे उसकी देखरेख कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि, इस हादसे में उनकी बुआ डॉली पति राकेश वहां फैक्टरी में थीं। जिनकी मौत हो गई है। हादसे के वक्त वे और उनका भाई पानी पीने के लिए फैक्टरी से बाहर निकल रहे थे और उन्होंने जैसे ही अपना पैर फैक्टरी से बाहर जाने के लिए निकाला ही था कि पीछे ब्लास्ट हो गया और कंपनी पूरी तरह से फट गई। वहां बहुत जोर से धमाका हुआ था और चारों तरफ आग ही आग थी।

हरदा में ब्लास्ट हुआ तो यहां आये थे काम करने
उन्होंने बताया कि, यहां से पहले वे हरदा की पटाखा फैक्टरी में ही काम करते थे। वहां भी ब्लास्ट हुआ था तो फैक्टरी बंद हो गई। इसके बाद वे काम करने गुजरात आ गए थे। इस दौरान जब बिट्टू को बताया गया कि, सरकार की तरफ से मृतकों के परिजन के लिए 4.50 लाख रुपए मुआवजा देने की बात कही गयी है, तब उन्होंने कहा कि यह रकम कम से कम 50 लाख रुपए मिलना चाहिए। क्योंकि उनका तो पूरा परिवार ही और बल्कि उनके गांव के कई लोग इसमें खत्म हुए हैं। इस ब्लास्ट में करीब 18- 19 लोग जो उनके परिचित थे, उनकी मौत हुई है।

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पिता बोले, बेटी और नवासों की नहीं मिल रही जानकारी
इधर हादसे की घायल एक महिला के हरदा निवासी पिता ने बताया कि, उनकी बेटी हंडिया में उनके पड़ोस में ही अपने परिवार संग रहती थी। जो गुजरात की पटाखा फैक्टरी में काम करने गई थी। वहां उसकी और उसके दोनों बच्चों की मौत हो गई है। दोपहर से लेकर रात का वक्त होने आया है, लेकिन इसको लेकर उनको अभी तक कोई जानकारी नहीं मिल पा रही है। हालांकि दोपहर में उनके पास फोन जरूर आया था। जिसमें उन्हें बताया गया था कि इस तरह की घटना गुजरात में हुई है। उसके बाद से कोई जानकारी उन्हें नहीं दी गई है। सिर्फ इतना बताया गया है कि उस हादसे में बहुत सारे लोग मारे गए हैं। वहीं उन्होंने बताया कि गुजरात की पटाखा फैक्टरी में काम करने के लिए उनके क्षेत्र हंडिया से उनके समाज के 15 लोग गए थे। इनके साथ ही पास के गांव संदलपुर से समाज के पांच लोग और गए थे। इस तरह से उनके समाज के 20 लोगों की उन्हें जानकारी है।

अमावस्या से एक दिन पहले ही परिजन गए थे गुजरात
वहीं मृतकों में से हरदा निवासी परिजन रतन नायक ने बताया कि, उनके परिवार के 15 लोग गुजरात में पटाखा फैक्टरी में काम करने गए थे, जोकि हरदा से अमावस्या के एक दिन पहले ही वहां जाने के लिए निकले थे। वो सभी लोग वहां पटाखा बनाने गए थे और अचानक मंगलवार को दोपहर में फोन आया था कि पटाखा फैक्टरी में आग लग गई है। उसके बाद से अब तक उनकी किसी से बात नहीं हो पाई है, और ना ही वहां से कोई सूचना उन्हें मिल पा रही है। हालांकि हरदा से उनके परिवार के तीन लोग गुजरात जाने के लिए निकल गए हैं। इन तीन लोगों में से एक उनके साले, एक उनके जीजा और एक उनके बड़े भाई शामिल हैं।
 

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