दीपावली के त्यौहार पर मध्यप्रदेश के अलग-अलग जिले से परंपरा के नाम पर कुछ न कुछ अलग करने की प्रथाएं चलती आ रही है, जो आम व्यक्ति के हृदय को झकझोर कर रख देती है। जिनमें पूर्व में कई लोग घायल और जनहानि भी होती है, लेकिन समाज उसे परंपरा मानकर आज भी निभाता हुआ आ रहा है। भले ही सत्ता में रहने वाली सरकार विकास के लाख दावे करे, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही है।
मध्यप्रदेश के गुना जिले से परंपरा के नाम पर ऐसे ही कुछ वीडियो सामने आए है, जो विचलित करने वाले है, क्योंकि यह गाय जमीन पर लेते हुए मनुष्य को कुचलती हुई आगे बढ़ती है। जिसमें कई लोग घायल भी होते है, लेकिन परंपरा के नाम पर दीपावली के दूसरे दिन यह प्रथा आज भी चली आ रही है। दरअसल यह पूरा मामला गुना जिले से लगभग 50 किलोमीटर की दूरी पर बसे बरखेड़ा नागदा का है, जहां बसने वाला आदिवासी समाज एक अनूठी परंपरा का निर्वाहन करता है, जिसमें मन्नत धारियों के ऊपर से गाय को गुजारा जाता है।
ग्रामीणों के मुताबिक यह परंपरा कई वर्षों से चली आ रही है, जिसकी तैयारियां दीपावली के 8 दिन पहले से कर ली जाती है। दीपावली के अगले दिन सभी ग्रामीण सजी हुई गाय को लेकर एक जगह एकत्रित होते हैं और मन्नत पूरी होने वाले ग्रामीण के ऊपर से गाय को गुजारा जाता है। ग्रामीणों का मानना है कि इसमें किसी को खरोच तक नहीं आती और न ही कोई उफ करता है।