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Damoh News: सात मौतों के मामले में कोर्ट ने डॉक्टर की जमानत याचिका कर दी खारिज, पुलिस रिमांड चार दिन और बढ़ाई

Sun, 13 Apr 2025 07:08 PM IST
दमोह ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह

दमोह के मिशन अस्पताल में डॉक्टर नरेंद्र यादव उर्फ एन जॉन कैम पर लगे सात मौतों के मामले में आरोपी को न्यायालय ने चार दिन की पुलिस रिमांड पर फिर से भेज दिया है। इसके पहले पुलिस ने पांच दिन की रिमांड मांगी थी, जो रविवार को खत्म हो गई। पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश किया और पुनः पांच दिन की रिमांड मांगी जिसे न्यायालय ने चार दिन के लिए बढ़ा दिया है। आरोपी के अधिवक्ता सौरभ नायक ने न्यायालय में जमानत याचिका लगाई थी जिसे न्यायालय ने खारिज कर दिया।


उन्होंने अपने पक्षकार के संबंध में कहा कि उनकी पक्षकार से जो बात हुई है उन्होंने इन सभी आरोपो को खारिज किया है। उनके दस्तावेज असली हैं या फर्जी इसकी जांच होगी तभी स्पष्ट हो पाएगा। अभी स्पष्ट तौर पर कुछ नहीं कहा जा सकता। उन्होंने कहा कि वह न्यायालय से मांग करेंगे कि अब पुलिस को उनके पक्षकार की रिमांड ना दी जाए। साथ ही जमानत भी दी जाए, लेकिन न्यायालय ने जमानत याचिका खारिज कर दी।

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चार दिन बड़ी रिमांड
डॉ के अधिवक्ता सचिन नायक ने बताया कि न्यायालय द्वारा याचिका खारिज कर दी है और चार दिन की पुलिस रिमांड 17 अप्रैल तक बढ़ा दी है। अधिवक्ता ने बताया कि पुलिस द्वारा न्यायालय में कहा गया कि अभी जांच बाकी है, इसलिए रिमांड और बढ़ाई जाए। विवेचक को जांच में कोई परेशानी ना हो इसलिए चार दिन की पुलिस रिमांड और बढ़ा दी है। अब हम सेशन न्यायालय में जमानत आवेदन प्रस्तुत करेंगे।

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एडीपीओ ने कहा जांच अभी बाकी है
एडीपीओ संजय रावत ने बताया कि डॉक्टर नरेंद्र यादव उर्फ एन जॉन कैम को पांच दिन की रिमांड के बाद पुलिस द्वारा रविवार को न्यायालय में पेश किया गया था। पुलिस ने आगे की जांच के लिए पांच दिन की और रिमांड मांगी थी जिसे न्यायालय ने चार दिन के लिए बढ़ा दिया है और 17 अप्रैल तक आरोपी को पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। पुलिस द्वारा कहा गया कि अभी इसमें जांच और बाकी है क्योंकि इसकी जो एमबीबीएस की डिग्री या जो आंध्र प्रदेश की डिग्री है इसका सत्यापन होना है। इसका कानपुर में घर है। आरोपी के जो दो नाम हैं नरेंद्र यादव और एन जॉन केम साथ ही प्रयागराज में जो डिग्रियां प्राप्त हुई हैं। इसके नौकर द्वारा डिग्रियों को खुर्दबुर्द किया गया है। पुलिस ने बताया कि इसके द्वारा अलग-अलग राज्यों में इलाज किया गया है साथ ही इसके फर्जी पासपोर्ट भी प्राप्त हुए हैं वह भी अलग-अलग नाम से हैं। इसके लिए मेल करके हमें जानकारी प्राप्त करना है। अलग-अलग राज्यों में और विदेश में भी हमें पता करना पड़ेगा। इसलिए पुलिस द्वारा पांच दिन की रिमांड मांगी गई थी जिसे न्यायालय चार दिन के लिए बढ़ा दिया है। इसके आगे हमें और जरूरत पड़ेगी, क्योंकि नए कानून बीएनएस के तहत 60 दिन का समय है। ऋषिकेश में भी आरोपी का पैतृक घर है। कानपुर और आंध्र प्रदेश से भी इसकी डिग्री है तो वहां से भी हमें इसे सत्यापित करना है। मेडिकल काउंसिल से भी हमें बात करनी है, इसलिए जांच में समय लगेगा। कड़ियां बहुत लंबी हैं। डॉक्टर द्वारा जांच में पूरा सहयोग किया जा रहा है। इसके मेडिकल डॉक्यूमेंट को सत्यापित करने में समय लग रहा है, इसलिए पुलिस रिमांड के दौरान काफी जानकारियां पुलिस को प्राप्त हो सकेंगी।

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आरोपी बोला वह बाद में बात करेगा
न्यायालय से चार दिन की पुलिस रिमांड मिलने के बाद जब पुलिस आरोपी को वापस लेकर जा रही थी तब मीडिया ने उससे सवाल किया, लेकिन वह केवल इतना बोला कि वह बाद में बात करेगा। इसके बाद पुलिस उसे अपने साथ ले गई। उधर दमोह एसपी श्रुतकीर्ति सोमवंशी ने शनिवार को पूरे मामले का खुलासा करते हुए बताया था कि आरोपी के पॉलीग्राफ टेस्ट के लिए पीएचक्यू से अनुमति मांगी जा रही है। वहां से अनुमति मिलने के बाद इसका पॉलीग्राफ टेस्ट भी कराया जाएगा।

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