राजधानी लखनऊ के 46 परीक्षा केंद्रों पर यूपीटीईटी शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। परीक्षा में नए अभ्यर्थियों के साथ बड़ी संख्या में कार्यरत शिक्षक भी शामिल हुए। परीक्षा देकर बाहर निकले कई शिक्षकों ने प्रश्नपत्र के पैटर्न पर नाराजगी जताई। उनका कहना था कि स्कूल में पढ़ाने की व्यावहारिक प्रक्रिया और टीईटी का प्रश्नपत्र एक-दूसरे से काफी अलग है। शिक्षकों ने आरोप लगाया कि वर्तमान परीक्षा प्रणाली का उद्देश्य उनकी योग्यता परखने से अधिक उन्हें अनावश्यक रूप से परेशान करना प्रतीत होता है। हालांकि परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था और व्यवस्थाएं संतोषजनक रहीं।