73 साल की मधु लाठ सिंगल यूज प्लास्टिक को लेकर लोगों को जागरूक कर रही हैं। उन्होंने न सिर्फ अपने घर को बल्कि आस पड़ोस को भी नो वेस्ट जोन बना दिया है। वे प्लास्टिक की पन्नियों से घर के परदे, कदील, चटाई, प्लास्टिक बैग, शगुन के लिफाफे, बंदनवार, भगवान की जयमाल, टोकरी, झोले, प्लांटर्स, चूड़ी रखने का केस समेत अनगिनत नई नई वस्तुएं बनाती रहती हैं। उनका मानना है कि सबसे पहले तो हम कोशिश करें कि पॉलिथीन का प्रयोग न करें। लेकिन अगर प्रयोग कर भी रहे हैं तो इसे कूड़ेदान में, सड़क या नालियों में फेंकने से बचें और इनका प्रयोग ऐसी जगह करें जहां कोई नुकसान न हो। मधु लाठ ने गत वर्ष राजभवन में लगी प्रदर्शनी में भी अपने उत्पाद लगाए थे जिसकी राज्यपाल आनंदीबेन ने खूब तारीफ की थी।