सुल्तानपुर रोड स्थित ओमैक्स रेजिडेंसी आर-1 द्वारा कथित रूप से तथ्यों को छिपाकर लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) से मानचित्र स्वीकृत कराने तथा सार्वजनिक 60 फीट चौड़ी सड़क एवं नाले पर अतिक्रमण किए जाने के विरोध में सरस्वतीपुरम, लल्लन सिंह नगर, आदर्श नगर, सरसवां और अर्जुनगंज के स्थानीय निवासियों में भारी आक्रोश व्याप्त है। क्षेत्रवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे धरना-प्रदर्शन के लिए मजबूर होंगे। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि सुल्तानपुर रोड से ओमैक्स रेजिडेंसी आर-1 होते हुए ईमार क्षेत्र तक जाने वाली 60 फीट चौड़ी सार्वजनिक सड़क और नाले का निर्माण पूर्व में एलडीए द्वारा कराया गया था। सूचना के अधिकार (आरटीआई) के तहत वर्ष 2017 में प्राप्त जानकारी के अनुसार यह सड़क एलडीए द्वारा लगभग 1.43 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित कराई गई थी। निवासियों का कहना है कि संबंधित सड़क का खसरा संख्या 497 (प) में दर्ज है, जबकि ओमैक्स रेजिडेंसी के बैनामे में खसरा संख्या 497 (स) अंकित है। इसके बावजूद कथित रूप से गलत तथ्यों के आधार पर स्वीकृत मानचित्र में केवल खसरा संख्या 497 दर्शाकर अधिकारियों को गुमराह किया गया और सार्वजनिक मार्ग पर कब्जे का प्रयास किया गया। क्षेत्रवासियों ने बताया कि इस मामले को लेकर विभिन्न जनप्रतिनिधियों ने भी समय-समय पर शासन और प्रशासन का ध्यान आकृष्ट किया है। विधायक राजेश्वर सिंह ने वर्ष 2023 में प्रमुख सचिव आवास एवं शहरी नियोजन को पत्र लिखकर मामले की जांच की मांग की थी। निरीक्षण रिपोर्ट में सड़क और नाले को क्षतिग्रस्त पाए जाने तथा अतिक्रमण की आशंका जताई गई थी। इसके अलावा विधायक पंकज मलिक, मंत्री धर्मपाल सिंह, विधान परिषद सदस्य सुरेंद्र चौधरी, विधायक जय देवी तथा मंत्री सुरेश खन्ना द्वारा भी सड़क, नाले और कथित अतिक्रमण के संबंध में पत्राचार एवं शिकायतें की गई हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कई जनप्रतिनिधियों के हस्तक्षेप के बावजूद एलडीए के स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। निवासियों का कहना है कि सड़क और नाले के पुनर्निर्माण के लिए उनका संघर्ष वर्ष 2014 से जारी है, लेकिन अब भी समस्या का समाधान नहीं हो सका है। उन्होंने मांग की है कि ओमैक्स रेजिडेंसी के पक्ष में स्वीकृत मानचित्र की निष्पक्ष जांच कर उसे निरस्त किया जाए, सार्वजनिक सड़क एवं नाले को अतिक्रमण मुक्त कराया जाए तथा पुलिस बल की मौजूदगी में सड़क और नाले का निर्माण कार्य तत्काल शुरू कराया जाए। स्थानीय नागरिकों ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने शीघ्र कार्रवाई नहीं की तो क्षेत्र में कानून-व्यवस्था की स्थिति प्रभावित हो सकती है, जिसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित अधिकारियों और कंपनी की होगी। उन्होंने जनहित में तत्काल हस्तक्षेप कर सार्वजनिक मार्ग को बहाल करने की मांग की है।