पहली जुलाई को जब प्राइमरी स्कूल खुले तो कुछ जगहों पर गुब्बारों से सजावट की गई। सरकारी स्कूलों की दशा सुधारने के लिए कायाकल्प योजना भी चली लेकिन शहर से सटे हुए प्राइमरी स्कूलों का हाल किसी से छिपा नहीं है। कृष्णा नगर के केशरी खेड़ा जोन एक नगर क्षेत्र में स्थित प्राथमिक विद्यालय इसकी ताजा मिसाल है। जहां सामने से देखने पर स्कूल चमकदार दिखता है, लेकिन अंदर से आ रही गंदे पानी की बदबू, टूटी छत, उखड़ी दीवारें बच्चों को स्कूल छोड़ने के लिए मजबूर कर रही है।