उत्तर प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष के रवैये पर सवाल उठाए। सदन को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि विधानसभा की कार्यवाही पहले से तय एजेंडे के अनुसार संचालित होनी थी, लेकिन विपक्षी दलों ने विधायी कार्यों में कोई रुचि नहीं दिखाई। मुख्यमंत्री ने कहा कि सदन में जिन विधेयकों और अन्य विधायी कार्यों पर चर्चा होनी थी, उन पर सहयोग करने के बजाय विपक्ष ने बहुमूल्य समय नष्ट करने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सदन जनहित के मुद्दों पर चर्चा और निर्णय का सर्वोच्च मंच है, इसलिए सभी दलों की जिम्मेदारी है कि वे सकारात्मक भूमिका निभाते हुए विधायी कार्यों को सुचारु रूप से संपन्न कराने में सहयोग करें।