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VIDEO : धर्मांतरण रैकेट की आशंका में पकड़ा गया फर्जी डॉक्टर, छात्राओं को लेकर दिल्ली जाने वाला था

किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय प्रशासन ने धर्मांतरण रैकेट की आशंका में मंगलवार को एक फर्जी डॉक्टर को दबोचा गया। पकड़ा गया हस्साम अहमद 12वीं पास है। हस्साम के संपर्क में एमबीबीएस की कई छात्राएं थीं। वह छात्राओं को एम्म दिल्ली में कथित तौर पर होने वाली कॉन्फ्रेंस के नाम पर दिल्ली ले जाने वाला था। मामले की एफआईआर के लिए पुलिस को तहरीर दी गई है। केजीएमयू प्रवक्ता प्रो. केके सिंह ने बताया कि पकड़ा हस्साम लखनऊ में अजीज नगर सेमरा गोडी निवासी है। आरोपी ने कार्डियो सेवा संस्थान के नाम से एक ट्रस्ट बना रखा है। वह केजीएमयू में घूमकर यहां पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं से खुद को सीनियर होने की बात कहकर रौब झाड़ता रहता था। इसके साथ ही केजीएमयू में इलाज के लिए आने वाले मरीजों से भी वसूली करने करता था। बीती 13 अप्रैल को उसने केजीएमयू की छात्राओं को कथित रूप से दिल्ली में होने कॉन्फ्रेंस के लिए चयनित होने संबंधी फर्जी पत्र जारी किया। यह पत्र केजीएमयू प्रवक्ता और पैरामेडिकल संकाय के डीन प्रो. केके सिंह के हस्ताक्षर से जारी किया गया। छात्राओं को कॉन्फ्रेंस में अमेरिका के डॉक्टर से मुलाकात करवाने की बात भी पत्र में थी। इन्हीं छात्राओं को वह 20 अप्रैल को हुसैनाबाद में लगे चिकित्सा शिविर में भी लेकर गया था। छात्राएं उसके प्रभाव में थीं और उसके साथ दिल्ली जाने को तैयार थीं। इसकी जानकारी होने पर पहले छात्राओं के चयन संबंधी फर्जी पत्र कब्जे में लिया गया और 20 अप्रैल को हुए चिकित्सा शिविर का निरीक्षण किया गया। मंगलवार को जब वह जनरल सर्जरी विभाग के पास पहुंचा तो छात्रों की मदद से उसे दबोचकर पुलिस के हवाले कर दिया गया। वाट्सएप डीपी पर लगाया प्रो. केके सिंह का फोटो आरोपी हस्साम ने अपने वाट्सएप अकाउंट में केजीएमयू प्रवक्ता प्रो. केके सिंह का फोटो लगा रखा था। एम्स दिल्ली की कथित कॉन्फ्रेंस में चयनित होने का पत्र भी उसने प्रो. केके सिंह के फर्जी हस्ताक्षर से जारी किया।

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