गोमती नदी में जलकुंभी की बड़ी समस्या है जिसको रोकने के लिए मेहंदीघाट पर करीब 10-15 दिन पहले जाली लगा दी गई है जो एक छोर से दूसरे छोर की तरफ जाती है और ऊपर लगे पाइप जाली को सपोर्ट देते हैं ताकि जाली पानी में डूबे ना और दोनों छोर को रस्सी से बांध दिया गया है। इसे लगाने के बाद जलकुंभी आगे नहीं जा पा रही है। तस्वीरों में साफ दिख रहा है कि एक तरफ जलकुंभी दिख रही है और दूसरी तरफ पानी साफ दिख रहा है। इसको साफ करने के लिए यहां पर नगर निगम के कर्मचारी नाव से लगातार जलकुंभी को निकालते हैं और जलकुंभी की सफाई मशीन से भी की जाती है।