फर्जी नंबर प्लेट लगाकर टोल प्लाजा पार करने वाले ओवरलोड वाहनों के खिलाफ कार्रवाई पर फिलहाल ब्रेक लग गया है। जानकारी के अनुसार परिवहन विभाग ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के साथ ऐसे वाहनों का ब्यौरा साझा करने से इनकार कर दिया है। गौरतलब है कि एनएचएआई के आंकड़ों के आधार पर ही फर्जी नंबरों का इस्तेमाल कर टोल पार करने वाले ओवरलोड वाहनों के एक बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ था। आंकड़ों के अनुसार इटौंजा टोल प्लाजा पर एक महीने के दौरान करीब 1600 संदिग्ध वाहन दर्ज किए गए थे। वहीं लखनऊ क्षेत्र में ऐसे 6500 से अधिक वाहनों की पहचान होने की बात सामने आई थी। सूत्रों के मुताबिक विभागीय स्तर पर आंकड़ों के आदान-प्रदान को लेकर सहमति नहीं बन पाने के कारण संयुक्त कार्रवाई प्रभावित हो रही है। इसके चलते ओवरलोड वाहनों के खिलाफ चल रही कार्रवाई लगभग ठप पड़ गई है। वर्तमान स्थिति में ओवरलोड वाहनों की निगरानी और कार्रवाई की जिम्मेदारी मुख्य रूप से परिवहन विभाग पर ही रह गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि विभागों के बीच बेहतर समन्वय और सूचनाओं के आदान-प्रदान के बिना ऐसे मामलों पर प्रभावी नियंत्रण मुश्किल होगा। ओवरलोड वाहन न केवल सड़क सुरक्षा के लिए खतरा माने जाते हैं, बल्कि वे सड़कों और पुलों की संरचना को भी नुकसान पहुंचाते हैं। ऐसे में संबंधित एजेंसियों के बीच समन्वय स्थापित कर प्रभावी कार्रवाई की आवश्यकता महसूस की जा रही है।