लखनऊ में संस्कृति विभाग, उत्तर प्रदेश के अंतर्गत बिरजू महाराज कथक संस्थान की ओर से ‘व्याख्यान-सह-प्रदर्शन’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में ‘दृश्य कला के सौंदर्य तत्व: नृत्य के संदर्भ में’ विषय पर व्याख्यान हुआ और पंडित बिरजू महाराज का सजीव चित्रण प्रस्तुत किया गया। मुख्य वक्ता डॉ. सुनील कुमार विश्वकर्मा ने प्राचीन मिस्र से लेकर खजुराहो और कोणार्क मंदिरों की कला में नृत्य मुद्राओं के महत्व पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में डॉ. कुमकुम धर, डॉ. मिथिलेश तिवारी समेत विद्यार्थियों और शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।