उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ (एकजुट) की ओर से ईको गार्डन में प्रदेश भर के हजारों शिक्षकों ने विशाल महारैली और धरना प्रदर्शन किया। शिक्षकों की मुख्य मांग 'उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग अधिनियम 2023' से हटा दी गई धारा 12, 18 और 21 को पुनः बहाल करने की है, जो शिक्षकों की सेवा सुरक्षा और पदोन्नति से जुड़ी थीं। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष सोहन लाल वर्मा ने बताया कि सेवा सुरक्षा की धाराओं के हटने से शिक्षक असुरक्षित महसूस कर रहे हैं और शिक्षा का माहौल बिगड़ रहा है। शिक्षकों ने 25 सूत्रीय मांग पत्र भी प्रस्तुत किया, जिसमें पुरानी पेंशन की बहाली, कैशलेस चिकित्सा सुविधा का क्रियान्वयन, तदर्थ शिक्षकों का विनियमितीकरण और शिक्षकों को गैर-शैक्षणिक कार्यों (जैसे बीएलओ ड्यूटी) से मुक्त करने जैसी मांगें शामिल हैं। नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने उनकी जायज मांगों की अनदेखी की, तो शिक्षक समुदाय आगामी चुनावों में इसका कड़ा विरोध करेगा। धरने में डॉ. हरिप्रकाश यादव और विजेंद्र वर्मा सहित प्रदेश भर के कई पदाधिकारी और हजारों शिक्षक उपस्थित रहे।