गर्मी की तपिश से सन्नाटे में बदला नवाब वाजिद अली शाह प्राणी उद्यान। न पेड़ की छांव पूरी पड़ रही, न सैर का मन बन रहा। जहां कभी पर्यटकों की चहल-पहल हुआ करती थी। वहां अब सन्नाटा पसरा है। सूरज की तीखी किरणों से बेहाल जानवर और पक्षी पेड़ों की छांव में राहत ढूंढते नजर आते हैं।