चिकित्सा विज्ञान ने गर्भाशय (एंडोमेट्रियल) कैंसर से पीड़ित महिलाओं के लिए एक बेहद राहत भरी और नई उम्मीद की राह खोली है। अब शुरुआती चरण के गर्भाशय कैंसर के इलाज में सर्जरी को टालते हुए महिलाओं की जान बचाने के साथ-साथ उनके मां बनने के सपने को भी सुरक्षित रखा जा सकता है। लखनऊ स्थित केजीएमयू की स्त्री कैंसर रोग विभागाध्यक्ष डॉ. निशा सिंह ने इस नई तकनीक के बारे में पूरी जानकारी साझा की।