निशातगंज स्थित एक चाय की दुकान चलाने वाले व्यक्ति ने बताया अब तो भट्ठी ले आए हैं। सिलिंडर मिल ही नहीं रहा है। वहीं, छोटे होटल चलाने वाले लोगों को बहुत फर्क नहीं पड़ रहा है। कपूरथला के कटियार पराठा नाम के स्टॉल पर भठी जल रही है। बताया कि पता नहीं हालात कब सुधरे इसलिए भट्ठी पर आ गए हैं।