कॉस्मेटिक अंगो से जिंदगी बदलना काफी आसान होगा। डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय में ऐसे कृत्रिम अंगों के निर्माण का विशेष प्रशिक्षण शुरू हुआ है जो देखने में बिल्कुल असली जैसे लगते हैं। इसके लिए विवि में पांच दिवसीय कार्यशाला सोमवार को शुरू हो गई है। विवि के प्रोस्थेटिक्स व ऑर्थोटिक्स विभाग की ओर से कृत्रिम अंग व पुनर्वास केंद्र में कॉस्मेटिक रिस्टोरेशन प्रोस्थेसिस फॉर एंप्यूटी विषय पर पांच दिवसीय प्रशिक्षण प्रतिभागियों को कॉस्मेटिक्स मिलेगा। इसमें कृत्रिम उंगली, कान, नाक तैयार करने की जानकारी मिलेगी। इन अंगों की खासियत है कि ये देखने में बिल्कुल प्राकृतिक अंगों जैसे लगते हैं।