उर्दू के मशहूर शायर क़ैसर-उल जाफ़री ने कई रूमानी ग़ज़लें लिखी हैं, जिसे हिंदी के पाठक भी आसानी से समझ सकते हैं।युवा और किशोर मन को टटोलकर वे अपने शायराना मिज़ा़ज को अंजाम तक ले जाते हैं।