उम्मीद योजना के तहत स्वंय सहायता समूह की लगभग 17 महिलाएं उनके साथ धोखाधड़ी का आरोप लगते हुए लगातार इन्साफ के लिए इधर उधर भटक रहीं हैं। महिलाओं का आरोप है कि उम्मीद योजना के अंतर्गत स्वयं सहायता समूह के ज़रिए उनके नाम पर लाखों रूपए के कर्ज ले लिए गए जिसकी उन्हें कोई जानकारी ही नहीं। धोखाधड़ी की शिकार हुई महिलाओं ने आज सांबा में पत्तरकार वार्ता कर सरकार से महिलाओं के नाम पर फ़र्ज़ी तरीके से लिए गए कर्ज की निष्पक्ष एजेंसी से उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है। पूर्व महिला सरपंच रीना चौधरी की अध्यक्षता में ठगी की शिकार महिला सुनीता देवी, नीना कुमारी, पोली देवी, कृष्णा देवी, राजकुमारी, सोम देवी, रजनी देवी, नीता देवी व मीणा देवी ने पत्तरकारों से बात करते हुए कहा कि उनके नाम पर लाखों रूपए का कर्ज लेने की जानकारी उन्हें सहायता समूह की संचालिका की जहरीला पदार्थ की वजह से संदिग्ध मौत के बाद पता चली जब जम्मू कश्मीर ग्रामीण बैंक के अधिकारी लोन चुकाने के लिए उन्हें परेशान करने लगे। उन्होंने कहा कि 2 जून को उन्होंने इस मामले की शिकायत डीसी सांबा राजेश शर्मा और एसएसपी सांबा से की और जांच की मांग की। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। महिलाओं ने कहा कि वह उम्मीद विभाग की मिशन डायरेक्टर और एडिशनल मिशन डायरेक्टर से मिलने जम्मू भी गई। उम्मीद विभाग की अधिकारियों ने उन्हें सांबा में बैठक कर उनकी बात सुनने का आश्वासन दिया, लेकिन सांबा आने पर भी उनकी बात को नहीं सुना गया और अधिकारी बिना बात सुने चल दिए। महिलाओं ने कहा कि उनकी आवाज़ को दबाने का प्रयास किया जा रहा है। इसलिए पत्तरकार वार्ता कर जम्मू कश्मीर यूटी प्रशासन और केंद्र सरकार तक अपनी बात पहुंचाने के लिए उन्होंने वार्ता की। महिलाओं ने आरोप लगाया है की उम्मीद विभाग, जम्मू कश्मीर ग्रामीण बैंक और स्वंय सहायता समूह की मिलीभगत से महिलाओं के साथ धोखाधड़ी की जा रही है। जिसकी किसी निष्पक्ष एजेंसी द्वारा उच्च स्तरीय जांच करवाई जाए।