बचनी देवी चढ़ाई में देरी की वजह से लंगर में नहीं बैठीं। चशोती नाले पर बना पुल पार करने के दो मिनट बाद ही ये हादसा हो गया। उनकी सहेली के पति और उनकी मां सैलाब में बह गए। जब एनडीआरएफ ने उन्हें रेस्क्यू कर पुल पार कराया तो वो अपने आंसू न रोक सकी और फूट-फूटकर रोने लगी। उन्होंने कहा कि अब वे कभी मचैल माता मंदिर में जाने की हिम्मत नहीं कर सकेंगी।