रियासी के गूल, गुलाबगढ़, दरमाड़ी और माहौर के लोगों की तरफ से एक विस्तृत ज्ञापन माहौर के एसडीएम को सौंपा गया,ताकि इसे भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यालय को आगे भेजा जा सके। इस ज्ञापन में जम्मू-कश्मीर के गूल-गुलाबगढ़ को एक अलग पहाड़ी जिले के रूप में मान्यता देने की मांग की गई। ज्ञापन में इस क्षेत्र के ऐतिहासिक, भौगोलिक, प्रशासनिक, रणनीतिक और विकासात्मक महत्व पर प्रकाश डाला गया और इस बात पर जोर दिया गया कि लोगों की लंबे समय से लंबित इस मांग पर राष्ट्रीय स्तर पर तत्काल विचार किया जाना चाहिए। इस अवसर पर नागरिक समाज के कई प्रतिष्ठित सदस्य, सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि, सम्मानित नागरिक, सामाजिक कार्यकर्ता और स्थानीय जन प्रतिनिधि उपस्थित थे और उन्होंने सर्वसम्मति से इस मांग का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में तीन उप-मंडल, आठ तहसीलें और कई नयाबत हैं,जो इसे एक स्वतंत्र प्रशासनिक जिले के रूप में कार्य करने में पूरी तरह सक्षम बनाते हैं। ज्ञापन में विभिन्न आयोगों द्वारा पहले की गई सिफारिशों का भी उल्लेख किया गया और क्षेत्र की रणनीतिक सड़कों,जलविद्युत क्षमता, पर्यटन अवसरों और सार्वजनिक विकास आवश्यकताओं पर प्रकाश डाला गया। एसडीएम माहौर ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया कि ज्ञापन प्रधानमंत्री कार्यालय को भेजा जाएगा और सभी संबंधित अधिकारियों को भी इसकी प्रतियां भेजी जाएंगी। इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि गुल-गुलाबगढ़ को अलग जिला दर्जा देने से इस विशाल पर्वतीय क्षेत्र में शासन,प्रशासनिक सुगमता, अवसंरचना विकास और जन कल्याण में उल्लेखनीय सुधार होगा। प्रतिभागियों ने आशा व्यक्त की कि भारत सरकार संतुलित क्षेत्रीय विकास और बेहतर प्रशासन के व्यापक हित में इस वास्तविक और दीर्घकालिक जन मांग पर गंभीरता से विचार करेगी।