कश्मीर घाटी के बांदीपोरा में नेशनल कॉन्फ्रेंस के उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला ने कहा कि सरकारी कर्मचारियों को उनकी वास्तविक मांगों को पूरा करने के लिए कुछ विकल्प दिए जाने चाहिए। वह ऐसा नहीं कह रहे कि उन्हें हिंसा करने की इजाजत मिले, लेकिन वास्तविक मांगे उठाने के लिए उन्हें कोई तो अधिकारी दिया ही जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि वे पहले ही पीएम मोदी के साथ सर्वदलीय बैठक के दौरान जम्मू-कश्मीर के बाहर विभिन्न जेलों में बंद लोगों को रिहा करने का मुद्दा उठाया है।