जम्मू कश्मीर अगले दस साल के भीतर दस हजार मेगावाट बिजली का उत्पादन शुरू कर देगा। सिंधु जलसंधि को स्थगित रखते हुए भारत ने पाकिस्तान के प्रति अपने रुख को स्पष्ट कर दिया है। उधर, समझौते से किनारा करते हुए सरकार फिलहाल अपने संसाधनों का पूरी तरह से इस्तेमाल करने और संभावित बिजली उत्पादन क्षमता का दोहन करने के लिए प्रक्रिया तेज की है। खास तौर से चिनाब घाटी आने वाले दस वर्षों के भीतर बिजली उत्पादन का बड़ा केंद्र बनकर उभरने जा रही है।