समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के "दिवाली-क्रिसमस" वाले बयान पर VHP के विनोद बंसल ने कहा, "हमें बहुत खुशी है कि अयोध्या में एक ऐसा माहौल बना है जिससे पता चलता है कि यह प्रभु श्री राम की अयोध्या है। जिस अयोध्या में अंधेरा रहता था, उस अयोध्या को जगमग करने के लिए योगी आदित्यनाथ ने कई प्रयास किए हैं.हमारे ही देश के कई नेताओं ने हम पर गोलियां चलाई थी.जहां दीपोत्सव पर हम दीयों की बाती जला रहे हैं, वहां लोगों के दिल जल रहे हैं.आज दीपावली की तुलना क्रिसमस से की जा रही है."
अखिलेश यादव के 'दिवाली-क्रिसमस' वाले बयान पर विश्व हिंदू परिषद (VHP) के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। अखिलेश यादव ने एक कार्यक्रम में कहा था कि पूरी दुनिया में क्रिसमस के दौरान शहर महीनों तक रोशनी से जगमगाते रहते हैं, हमें उनसे सीखना चाहिए। उन्होंने दीयों और मोमबत्तियों पर इतना पैसा और दिमाग क्यों खर्च करना, ऐसा सवाल उठाते हुए कहा था कि जब उनकी सरकार आएगी तो वे और सुंदर रोशनी की व्यवस्था करेंगे।
बंसल ने अखिलेश यादव पर सनातन विरोधी मानसिकता रखने और विदेशी परंपराओं का महिमामंडन करने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि जब ईसाई धर्म का अस्तित्व भी नहीं था, तब से दिवाली रीति-रिवाजों के साथ मनाई जाती रही है, और अब हिंदू समाज को ईसाइयों से सीखने के लिए कहा जा रहा है। विनोद बंसल ने तंज कसते हुए कहा कि अखिलेश यादव को जाकर वेटिकन सिटी में क्रिसमस मनाना चाहिए, शायद वहां उन्हें 2-4 वोट मिल जाएं।
उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) की बात करते हैं, लेकिन दीपक जलाने वाली कुम्हार (प्रजापति) कम्युनिटी पूरी दुनिया को अपने दीये से रोशन करना चाहती है। उन्होंने आरोप लगाया कि अखिलेश को चिंता है कि पीडीए का यह घटक कहीं रोशन न हो जाए, उनके घर चार पैसे न चले जाएं। इसलिए दीये से उनका दिवाला निकल रहा है।
उन्होंने कहा कि अखिलेश को यही नहीं पता कि अभी दिवाली आ रही है और क्रिसमस दो महीने बाद है, लेकिन वह अभी से क्रिसमस की बात कर रहे हैं। उन्होंने समाजवादी पार्टी पर निहत्थे रामभक्तों को मारने पर खुद को गौरवान्वित महसूस करने और रामचरितमानस जलवाने का आरोप लगाया।