आगामी बिहार चुनावों में LJP (रामविलास) के 29 सीटों पर चुनाव लड़ने पर केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने ANI को दिए एक साक्षात्कार में कहा, ". मैंने हमेशा गठबंधन की गरिमा बनाए रखने के लिए काम किया है और मेरा मानना है कि गठबंधन के बारे में चर्चा गठबंधन के भीतर ही होनी चाहिए. गठबंधन में हर पार्टी अपनी हिस्सेदारी चाहती है; हर पार्टी के पास मजबूत नेता और कार्यकर्ता हैं और हर पार्टी अधिक से अधिक सीटों पर चुनाव लड़ना चाहती है. इस स्तर के गठबंधन को अंतिम रूप देने के लिए कई दौर की बैठकों की आवश्यकता होती है. मैं हमेशा स्पष्ट था कि भाजपा या JD(U) को 100 से कम सीटों पर चुनाव नहीं लड़ना चाहिए. हमें गठबंधन के भीतर चुनाव नहीं लड़ना है. मैं सीट बंटवारे से बहुत खुश हूं
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि उनके पिता, दिवंगत नेता राम विलास पासवान ने भी फरवरी 2005 के बिहार विधानसभा चुनाव में 29 सीटें ही जीती थीं। चिराग पासवान ने कहा कि वह इसे अपने पिता का आशीर्वाद मानते हैं और यह उनके लिए सिर्फ एक संख्या नहीं है, बल्कि एक बड़ा संकेत है। उन्होंने इस पर खुशी जताते हुए कहा कि उनकी पार्टी का लक्ष्य इन सभी 29 सीटों पर जीत हासिल करना है और वह पूरे NDA गठबंधन के लिए 100% स्ट्राइक रेट का लक्ष्य लेकर चल रहे हैं।
चिराग पासवान ने यह भी स्पष्ट किया कि सीट-बंटवारे को लेकर JDU के साथ कोई मतभेद या तकरार नहीं हुई। उन्होंने कहा कि BJP ने गठबंधन में "नोडल एजेंसी" की तरह काम किया और बातचीत सुचारू रूप से संपन्न हुई। इसी दौरान चिराग पासवान ने RJD के पारंपरिक "M-Y" (मुस्लिम-यादव) समीकरण की नई परिभाषा देते हुए कहा कि उनके लिए "M-Y" का मतलब "महिलाएं" और "युवा" है। मुख्यमंत्री पद की अपनी महत्वाकांक्षाओं पर उन्होंने कहा कि हर पार्टी चाहती है कि उसका नेता सीएम बने, लेकिन फिलहाल NDA नीतीश कुमार के नेतृत्व में चुनाव लड़ रही है और चुनाव के बाद जीते हुए विधायक ही अपना नेता चुनेंगे।