नोटबंदी की मार आलू की बेल्ट कहे जाने वाले कन्नौज पर भी पड़ी है। पुराने नोट बंद होने और नए नोटों की किल्लत की वजह से किसानों को मंडी में आलू के खरीदार नहीं मिल रहे, इसलिए उन्हें बहुत सस्ते में नया आलू बेचना पड़ रहा है। उधर किसान कोल्ड स्टोरेज में रखा पिछले सीजन का आलू भी नहीं निकाल रहे हैं क्योंकि उनके पास नकद रुपया नहीं है। नोटबंदी और कैश की कमी जैसी दोतरफा मार से बेहाल किसान और कोल्ड स्टोरेज मालिक बुरी तरह परेशान हैं और उन्हें समझ में नहीं आ रहा है कि वो इस मुसीबत से कैसे निपटें।