दिवाली में पटाखों ने जहां एयर पॉल्यूशन को बढ़ाया वहीं noise pollution ने भी लोगों का जीना दूभर कर दिया। कानपुर में दिवाली की रात noise pollution का लेवल 80 फीसदी तक बढ़ गया। इससे सबसे ज्यादा परेशानी मरीजों को हुई। अस्पतालों में एहतियातन डॉक्टरों ने मरीजों को मास्क पहनाए और कानों में रुई लगाई ताकि, तेज आवाज से होने वाली परेशानी को कुछ कम किया जाए। वहीं दूसरी ओर एयर पॉल्यूशन से दमा के मरीजों की संख्या भी अस्पतालों में बढ़ गई।