कन्नड़ भाषा की 'लंकेश पत्रिके' की संपादक और लेखक गौरी लंकेश की मंगलवार रात उनके घर पर ही गोली मार कर हत्या कर दी गई। अक्सर हिंदुत्व राजनीति की मुखर आलोचक रही गौरी कन्नड़ पत्रिका 'लंकेश पत्रिके' में मुख्य मुद्दों पर निर्भीक होकर अपने विचार रखती थीं। हर हफ्ते उनका संपादकीय पत्रिका के तीसरे पन्ने पर छपता था लेकिन किसे पता था कि सितंबर का उनका संपादकीय आखिरी होगा। आइये देखते हैं मर्डर से ठीक पहले गौरी लंकेश ने क्या लिखा।