जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) में दुर्गा पूजा विसर्जन शोभायात्रा के दौरान छात्र गुटों के बीच हिंसा और झड़प की खबरें आई थीं। यह घटना विजयादशमी के मौके पर हुई थी। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) और वामपंथी छात्र संगठनों (जैसे AISA, SFI, DSF) के कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हुई।
ABVP ने आरोप लगाया कि वामपंथी छात्र संगठनों ने दुर्गा प्रतिमा विसर्जन जुलूस में शामिल छात्रों के साथ मारपीट की और उन्हें जूते-चप्पल दिखाकर अपमानित किया। उनका यह भी दावा था कि वामपंथी छात्रों ने जानबूझकर विसर्जन के रास्ते में अपना 'पुतला जलाने' का कार्यक्रम बदल दिया ताकि टकराव हो।
JNUSU ने बयान जारी कर ABVP पर आरोप लगाया कि उन्होंने रावण दहन के कार्यक्रम में उमर खालिद और शरजील इमाम की तस्वीरें लगाई थीं, जिससे तनाव बढ़ा। यह घटना साबरमती टी प्वाइंट के पास हुई, और दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर माहौल बिगाड़ने और हिंसा करने का आरोप लगाया। इस मामले में पुलिस में भी शिकायत दर्ज कराने की बात सामने आई थी।
जेएनयूएसयू के संयुक्त सचिव वैभव मीणा कहते हैं, "आज विजयादशमी पर जेएनयूएसयू ने आह्वान किया था कि हम नक्सली रावण, नक्सली ताकतों का 'दहन' करेंगे.जेएनयू में 9 दिन की नवरात्रि की दुर्गा पूजा भी होती है। विजयादशमी पर मूर्ति का विसर्जन किया जाता है। इसलिए, एक 'शोभा यात्रा' भी निकाली जा रही थी। सबसे पहले, साबरमती में सभी नक्सली नेताओं और अफजल गुरु, उमर खालिद, शरजील इमाम, जी साईं बाबा, चारु मजूमदार जैसे नक्सली विचारधारा वाले लोगों की तस्वीरों के साथ 'रावण दहन' किया गया। जब परिसर के चारों ओर शोभा यात्रा निकाली जा रही थी, वामपंथी दल साबरमती टी पॉइंट पर मौजूद थे क्योंकि उन्होंने वहां एक पुतला दहन का आयोजन किया था.वे शोभा यात्रा में गड़बड़ी पैदा करना चाहते थे.उन्होंने अपना स्थान बदल दिया था और फिर वे साबरमती टी पॉइंट पर आ गए। यात्रा। यात्रा में शामिल छात्रों को चोटें आईं.हम अपनी शिकायत लेकर पुलिस के पास जाएँगे