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Jharkhand Student Protest: JSSC-CGL परीक्षा पर सरकार का बड़ा फैसला TDPL की सभी परीक्षाएं रद्द!

वीडियो डेस्क अमर उजाला डॉट कॉम Updated Mon, 17 Aug 2026 11:44 PM IST

झारखंड में JPSC-JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर छात्रों का आंदोलन सोमवार को 24वें दिन भी जारी रहा। इसी बीच सरकार और आंदोलनरत छात्रों के बीच प्रस्तावित वार्ता नहीं हो सकी, लेकिन शाम होते-होते मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बड़ा फैसला लेकर पूरे विवाद को नया मोड़ दे दिया। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई विशेष कैबिनेट बैठक के बाद सरकार ने TDPL (TSR Data Processing Pvt. Ltd.) से जुड़ी परीक्षाओं और भर्ती प्रक्रियाओं को रद्द करने की घोषणा की। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि TDPL द्वारा आयोजित सभी परीक्षाएं, उसके द्वारा प्रकाशित परिणाम, TDPL के माध्यम से हुए उम्मीदवारों के चयन तथा उससे जुड़ी अन्य गतिविधियां रद्द की जाती हैं। 


सरकार का यह फैसला छात्रों की उन प्रमुख मांगों के बीच आया है, जिनमें भर्ती परीक्षाओं की पारदर्शिता सुनिश्चित करने, कथित अनियमितताओं की जांच कराने और विवादित परीक्षाओं को रद्द करने की मांग शामिल थी। फैसले में JSSC-CGL परीक्षा भी शामिल है। सरकार ने यह भी संकेत दिया है कि भर्ती परीक्षाओं में वर्ष 2014 से अब तक सामने आई गड़बड़ियों की व्यापक जांच कराई जाएगी। रिपोर्टों के मुताबिक, इस जांच में CID/SIT की मौजूदा जांच और अन्य तथ्यों को भी ध्यान में रखा जाएगा। 

मुख्यमंत्री ने परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए IAS अधिकारी अमिताभ कौशल की अध्यक्षता में एक समिति गठित करने की घोषणा भी की है। यह समिति JPSC और JSSC की परीक्षा प्रक्रिया में सुधार, नियमों और SOP को अधिक प्रभावी बनाने तथा भविष्य में भर्ती परीक्षाओं को पारदर्शी तरीके से आयोजित करने के उपायों पर काम करेगी। सरकार का उद्देश्य ऐसी व्यवस्था तैयार करना है, जिससे पेपर लीक, परीक्षा संचालन में गड़बड़ी या परिणामों को लेकर उठने वाले सवालों की गुंजाइश कम हो। 

मुख्यमंत्री के ऐलान के बाद आंदोलन स्थल पर छात्रों में खुशी देखने को मिली। कई प्रदर्शनकारियों ने इसे लंबे आंदोलन की महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया, हालांकि छात्र नेताओं ने केवल परीक्षा रद्द होने को पर्याप्त नहीं माना और भविष्य की भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी एवं भरोसेमंद बनाने की मांग जारी रखी है। छात्र पक्ष की ओर से कथित अनियमितताओं की स्वतंत्र जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग भी उठती रही है। 


इस पूरे घटनाक्रम को झारखंड में सरकारी भर्ती परीक्षाओं की विश्वसनीयता के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सरकार के सामने अब रद्द की गई परीक्षाओं से प्रभावित अभ्यर्थियों के लिए आगे की परीक्षा प्रक्रिया तय करने, जांच को समयबद्ध तरीके से पूरा करने और नई व्यवस्था लागू करने की चुनौती होगी। दूसरी ओर, छात्रों की नजर सरकार की अगली कार्रवाई और जांच के निष्कर्षों पर रहेगी

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