पटना में कारोबारी गोपाल खेमका की मर्डर की तैयारी अपराधियों ने उनकी हत्या से 10 दिन पहले ही कर ली थी. लेकिन दिल्ली पुलिस और एसटीएफ की अचानक हुई एक कार्रवाई के कारण ये हत्या बाद में हुई. गोपाल खेमका हत्याकांड मामले में एसआइटी पटना से लेकर हाजीपुर तक छापेमारी कर रही है. बेऊर जेल में छापेमारी के दौरान कई अहम जानकारी पुलिस को मिली है. हाजीपुर और पटना सिटी से तीन लोगों को हिरासत में लिया गया है. जेल में बंद सुल्तानगंज के अजय वर्मा और उसके तीन गुर्गों समेत अन्य लोगों से पुलिस ने लंबी पूछताछ की थी. इस हत्याकांड के तार गोपाल खेमका के बेटे गुंजन खेमका की हत्या मामले से भी जुड़े होने की आशंका है. हालांकि पुलिस हत्याकांड का खुलासा करेगी.गोपाल खेमका की हत्या करने से पहले लाइनर और शूटर दलदली रोड में जुटे थे. तीनों ने एकसाथ वहां चाय पी. उसके बाद शूटर गोपाल खेमका के आवास पहुंचा था. लाइनर और शूटर हत्या के लिए 10 दिन पहले से तैयार थे. जानकारी मिली है कि 10 दिन पहले ही गोपाल खेमका की हत्या की साजिश रची जा चुकी थी. लेकिन STF और दिल्ली पुलिस की एक कार्रवाई के कारण गोपाल खेमका की हत्या का समय बदल दिया गया. गोपाल खेमका की हत्या से पहले पूरी रेकी की गयी. एक लाइनर गोपाल खेमका पर नजर रख रहा था. गोपाल खेमका बांकीपुर क्लब में थे. लेकिन वहां इसलिए हत्या नहीं हो सकी क्योंकि क्लब के पास कई लोग मौजूद थे. इसलिए तय हुआ कि गोपाल खेमका को उनके आवास के पास ही मारा जाएगा. शूटर गोपाल खेमका के आवास के बाहर खड़ा रहा.