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B Sudarshan Reddy's Nomination: इंडिया गठबंधन के नेताओं के साथ पूर्व जज ने दाखिल किया नामंकन।

वीडियो डेस्क, अमर उजाला डॉट कॉम Updated Thu, 21 Aug 2025 01:16 PM IST

विपक्ष के उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार बी सुदर्शन रेड्डी ने गुरुवार को अपना नामांकन दाखिल कर दिया है। इस मौके पर सोनिया गांधी, शरद पवार, मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी, रामगोपाल यादव, DMK सांसद तिरुचि शिवा, शिवसेना (UBT) सांसद संजय राउत और गठबंधन के कई अन्य नेता भी नामांकन के समय मौजूद रहे। विपक्ष के 80 सांसदों ने प्रस्तावक और अनुमोदक के तौर पर साइन किया है। इनमें सोनिया गांधी का भी नाम शामिल है। उपराष्ट्रपति पद के लिए चुनाव 9 सितंबर को होगा। नामांकन पत्र के चार सेट दाखिल किए गए हैं, जिन पर कांग्रेस संसदीय दल की प्रमुख सोनिया गांधी, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, द्रमुक के तिरुचि शिवा समेत 160 सांसदों ने बतौर प्रस्तावक व अनुमोदक हस्ताक्षर किए हैं। रेड्डी सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश और गोवा के लोकायुक्त रहे हैं। वह हैदराबाद में स्थित अंतरराष्ट्रीय माध्यस्थम् एवं मध्यस्थता केंद्र के न्यासी बोर्ड के सदस्य भी हैं।नामांकन से पहले बुधवार को बी सुदर्शन ने विपक्षी गठबंधन के नेताओं से मुलाकात की। संविधान सदन के सेंट्रल हॉल में इंडिया अलायंस ने बी. सुदर्शन रेड्डी के लिए एक felicitation program रखा था जहां मल्लिकार्जुन खरगे, सोनिया गांधी, राहुल गांधी, शरद पवार, संजय राउत जैसे विपक्ष के सारे बड़े नेता और फ्लोर लीडर्स मौजूद थे। इस मौके पर मल्लिकार्जुन खरगे और शरद पवार जैसे कई नेताओं ने पहले सुदर्शन रेड्डी को सम्मानित किया।

 इससे पहले एनडीए के उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार सीपी राधाकृष्णन ने बुधवार को अपना नॉमिनेशन फाइल कर दिया। नॉमिनेशन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, होम मिनिस्टर अमित शाह, बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी मौजूद थे। सीपी राधाकृष्णन ने चार सेटों में नामांकन दाखिल किया है जिनमें से हर सेट पर 20 प्रस्तावकों और 20 अनुमोदकों के हस्ताक्षर हैं। प्रधानमंत्री मोदी मुख्य प्रस्तावक थे। पहले सेट में मुख्य प्रस्तावक के रूप में पीएम मोदी ने साइन किया है। गौरतलब है कि अपने नामांकन से पहले INDIA गठबंधन के उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार बी सुदर्शन रेड्डी ने कहा कि संख्याएं मायने नहीं रखती हैं। उन्होंने कहा कि बेशक मुझे उम्मीद है। हालांकि, मैं किसी राजनीतिक दल से नहीं हूं लेकिन मुझे विश्वास है कि सभी लोग मेरा समर्थन करेंगे। उन्होंने कहा कि मैनें पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि यह विचारधारा की लड़ाई है। कल उन्होनें राहुल की तारीफ की थी । पूर्व जस्टिस बी सुदर्शन रेड्डी ने बिहार में SIR का भी मुद्दा उठाया और कहा कि वोट देने का अधिकार जनता के हाथ में एकमात्र लोकतांत्रिक हथियार है. उन्होंने कहा कि मतदान के सार्वभौमिक अधिकार को चुनौतियां मिल रही हैं. बिहार जिस संकट का सामना कर रहा है, उससे ज़्यादा गंभीर चुनौती और संविधान के लिए कोई खतरा नहीं हो सकता. मतदान का अधिकार आम आदमी के हाथ में एकमात्र साधन या हथियार है जब इसे छीनने की कोशिश की जाएगी तो लोकतंत्र में क्या बचेगा.

'उपराष्ट्रपति कार्यालय कोई राजनीतिक संस्था नहीं'
सुदर्शन रेड्डी ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के एक जज ने उनसे पूछा था कि वह राजनीतिक दलदल में क्यों जा रहे हैं. उन्होंने जवाब दिया कि 1971 में एक वकील के तौर पर शुरू हुआ उनका सफर जारी है और मौजूदा चुनौती उसी सफर का हिस्सा है. साथ ही उन्होंने कहा कि भारत के उपराष्ट्रपति का कार्यालय कोई राजनीतिक संस्था नहीं है.उल्लेखनीय है कि इस बार उपराष्ट्रपति चुनाव में दो ही उम्मीदवारों के नाम सामने आए हैं। एनडीए की ओर से सीपी राधाकृष्णन हैं, तो वहीं विपक्ष की ओर से बी सुदर्शन रेड्डी हैं। दोनों के बीच 9 सितंबर को चुनावी मुकाबला होना है। बता दें कि चुनाव के परिणाम वोटिंग वाले दिन ही आ जाएंगे।

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