पेशे से दिहाड़ी मजदूर पूरन को नोटबंदी की वजह से नसबंदी करानी पड़ी। उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ के नहरौला गांव के रहनेवाले पूरन के घर जब कुछ खाने को नहीं बचा और सारे पैसे खत्म हो गए तो उसने पैसों के लिए नसबंदी करा ली। पूरन पहले अपनी पत्नी को लेकर अस्पताल पहुंचा। लेकिन, पत्नी की तबियत ठीक न होने से डॉक्टरों ने नसबंदी करने से मना कर दिया तो, मजबूरी में दो हजार रुपयों के लिए पूरन को खुद की नसबंदी करवानी पड़ी। नसबंदी करवाने पर पुरुषों को प्रोत्साहन राशि के तौर पर दो हजार रुपये मिलते हैं।